रविवार, 30 अगस्त 2020

सूर्य surya ki visheshata

 सूर्य


सौरमंडल का प्रधान सूर्य को माना जाता है । 

सौरमंडल के समस्त ऊर्जा और प्रकाश का स्रोत  सूर्य है । 

सूर्य की ऊर्जा नाभिकीय संलयन (Nuclear Fusion) के कारण उत्पन्न होती है । 


सूर्य अपने अक्ष पर पूर्व से पश्चिम दिशा की ओर घूमता है । 

सूर्य पृथ्वी से 3 लाख 30 हजार गुना भारी  है । 

सूर्य की आयु 5 बिलियन वर्ष है । सूर्य हमारी पृथ्वी से 13 लाख गुना बड़ा है । 

सूर्य द्वारा ऊर्जा देते रहने का अनुमानित समय 10 पर घात  11 वर्ष है । 

सूर्य का आंतरिक दीप्तिमान सतह  प्रकाशमंडल  कहलाता है । 

सूर्य हमारी पृथ्वी से 14.96 करोड़ किमी॰  दूर है । 

सूर्य से पृथ्वी तक प्रकाश आने में 8 मिनट 26.6 सेकेंड समय लगता है । 

प्रकाश की गति 300000000 मीटर/सेकेंड है । 

सूर्य  हमारी मन्दाकिनी  दुग्धमेखला के केंद्र से लगभग 30,000 प्रकाश वर्ष दूर है । 



सूर्य  250 किलो मीटर/सेकेंड की गति से 25 करोड़ वर्ष में दुग्धमेखला के केंद्र के चारो ओर नाभिकीय परिक्रमा  करता है । इस अबधि को ब्रह्मांड वर्ष या कास्मिक वर्ष कहते हैं । 

सूर्य का मध्य भाग 25 दिन में और ध्रुवीय भाग 35 दिन में एक घूर्णन करता है । सूर्य का व्यास 13 लाख 92 हजार किमी है और यह पृथ्वी के व्यास का लगभग 110 गुना है । 

हमारी पृथ्वी को सूर्य के ताप का 2 अरबवा भाग ही मिलता है । 

 सूर्य के रासायनिक संरचना में हाइड्रोजन 71%, हीलियम 26.5% एवं अन्य तत्व 2.5% होता है 


सूर्य के बाहरी सतह का तापमान 6000० C है 

सूर्य के केंद्रीय भाग 'क्रोड' Crore)का तापमान 1.5 *10 7 ॰C है । 

उत्तरी ध्रुब पर सौर ज्वाला को औरोरा  बोरियलिस कहा जाता है । 

दक्षणी ध्रुब पर सौर ज्वाला को औरोरा औस्ट्रेलिस  कहा जाता है । 

 सूर्य से प्रसारित होने वाले परवर्तित प्रकाश को अल्बिडो  कहा जाता है 


सूर्य ग्रहण के समय  जो सूर्य का भाग दिखाई देता है ,उसे कोरोना या किरीट कहते हैं । कोरोना का तापमान 2700,000 ॰ C होता है । कोरोना को सूर्य का मुकुट कहा जाता है । 




जब पूर्ण सूर्य ग्रहण की स्थिति उत्पन्न होती है ,तब हमारी पृथ्वी को प्रकाश सूर्य के कोरोना से ही प्राप्त होता है 


सूर्य के कोरोना से बाहर की ओर प्रवाहित होने वाली प्रोटोन की धाराओं को सौर पवन कहते हैं 



सूर्य में स्थित काले धब्बों का एक पूरा चक्कर 22 वर्षों में होता है ,पहले के 11 वर्षों में ये धब्बे बढ़ते हैं , और बाद के 11 वर्षों में ये धब्बे घटते हैं । 


सूर्य में चमकीले धब्बे को प्लेजेस कहतें हैं जबकि काले धब्बे को सौर कलंक कहा जाता है । 

सूर्य की बाहरी पवन को संवाहनिय मेखला कहा जाता है ।


सूर्य की परिभ्रमन गति के कारण सौर्यिक पवने सर्पीलाकार चलती है । 



शुक्रवार, 28 अगस्त 2020

सौरमंडल के आंतरिक और बाह्य ग्रह /पिंडsaurmandal ke antrik aur bahy grah

 सौरमंडल के ग्रह /पिंड 

ग्रह (planet)-सूर्य के चारों ओर परिक्रमा करने वाले आकाशीय पिंडो को हम ग्रह कहते है । ग्रहों के पास पर्याप्त गुरुत्वाकर्षण बल होता है जिससे की वह अपना गोल स्वरूप ग्रहण करतें है । इनके पास अपना प्रकाश नहीं होता है । ये सूर्य के प्रकाश से प्रकाशित होते हैं । 

सौरमंडल के ग्रह -(सूर्य से बढ़ती दूरी के अनुसार)- 1-बुध (mercury), 2- शुक्र (venus) 3-पृथ्वी (Earth) 4-मंगल (mars) 5- बृहस्पति (jupiter) 6-शनि (saturn) 7-अरुण (uranus) और वरुण (neptune)। 

बौने ग्रह - प्लूटो ,चेरान ,सेरस 


ग्रहों को दो भागों मे विभाजित किया गया है ।



 

1-आंतरिक ग्रह अथवा पार्थिव ग्रह (inner or terrestrial );पृथ्वी के सदृश होने से इन ग्रहों को आंतरिक या पार्थिव श्रेणी मे रखा जाता है -बुध ,शुक्र ,मंगल एवं पृथ्वी । ये ग्रह सूर्य के निकट है । 

2 बाह्य ग्रह अथवा बृहस्पति ग्रह (outer or joveam planet) ;ये ग्रह सूर्य से दूर है -बृहस्पति ,शनि ,अरुण और वरुण । 


क्या आपको पता है की अंतराष्ट्रीय खगोलशास्त्रीय  संघ (international astronomical unio) द्वारा 24 अगस्त ,2006 ई ॰ को चेक गणराज्य की राजधानी प्राग के सम्मेलन -2006 मे ग्रहों की परंपरागत परिभाषा मेन जोड़ा गया आकाशीय पिंडों की भरमार न हो और इसी सम्मेलन में यम (pluto) को प्राप्त 'परम्परागत ग्रह ' की मानिता समाप्त कर दी गयी और इसे 'बौने ग्रह ' की श्रेणी में शामिल कर दिया गया । 

गुरुवार, 27 अगस्त 2020

saurmandal kya hai सौरमंडल क्या है

सौरमंडल

saurmandal ka chitra

 

सूर्य एवं इसके चारो ओर परिक्रमा करने वाले समस्त ग्रहों , उपग्रहों , छुद्रग्रहों  एवं अन्य  आकाशीय पिंड के समूह को सौरमंडल कहते हैं 

सौरमंडल के परिवार का मुखिया सूर्य को माना जाता है

पहले सौरमंडल में नौ (9) ग्रह थे ।

saurmandal me prithvi


बुध ,शुक्र ,पृथ्वी ,मंगल ,वृहस्पति ,शनि ,अरुण ,वरुण और यम (plouto)

2006 ई ॰ में अंतराष्ट्रीय खगोल शास्त्रीय संघ (IAU) द्वारा यम की ग्रह वाली मान्यता समाप्त कर दी गई इसके बाद से ग्रह की संख्या  आठ (8) रह गई है । 

सभी ग्रह अपनी-अपनी  कक्षा में सूर्य की  परिक्रमा करते हैं और अपनी-अपनी धुरी (अक्ष) पर भी घूमती है।

सौरमंडल में सबसे बड़ा ग्रह वृहस्पति और सबसे छोटा ग्रह बुध हैं । 


सूर्य के सबसे दूर का ग्रह वरुण है जबकि सबसे निकट का ग्रह बुध है। 

 पृथ्वी का सबसे निकट का ग्रह शुक्र (Venus)है । 

सबसे ठंढा ग्रह वरुण(Neptune) है । 

पृथ्वी की बहन शुक्र को कहा जाता है । 

कारला को नौवाँ ग्रह कहा जाता है । 

सबसे अधिक चमकीला ग्रह शुक्र और सबसे अधिक  चमकीला तारा साइरस तारा (Dog star) है । 

साइरस की आकृति सूर्य से 20 गुना अधिक है और पृथ्वी से 9 प्रकाश वर्ष दूर है । 

वर्तमान में तारामंडल की संख्या 89 है, जिनमें हाइड्रा नामक तारामंडल सबसे बड़ा है । 


घटते आकार  के अनुसार ग्रहों के क्रम हैं -

वृहस्पति ,शनि ,अरुण ,वरुण ,पृथ्वी ,शुक्र ,मंगल ,एवं बुध । 


सूर्य से दूरी के अनुसार ग्रह का क्रम -

बुध ,शुक्र ,पृथ्वी ,मंगल ,वृहस्पति ,शनि ,अरुण और वरुण । 


8 ग्रहों में से केवल 5 ग्रहों को नंगी आँखों से देखा जा सकता है -बुध ,शुक्र शनि, वृहस्पति और मंगल । 


''भोर का तारा ''  शुक्र को कहा जाता है । 

''सांझ का तारा''   शुक्र को कहा जाता है । 

पृथ्वी को   ''नीला ग्रह ''   कहा जाता है । 

मंगल को   ''लाल ग्रह ''    कहा जाता है ।   

सौरमंडल का सबसे बड़ा उपग्रह ''गेनीमेड '' को माना जाता है । और सबसे छोटा उपग्रह ''डीमोस ''को माना जाता है । 

सबसे अधिक उपग्रहों (63)वाला ग्रह वृहस्पति है 


शुक्र और अरुण अपने अक्ष पर पूर्व से पश्चिम की ओर घूमती है और अन्य ग्रह अपने अक्ष पर पश्चिम से पूर्व की ओर घूमती है । 

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मंगलवार, 25 अगस्त 2020

महत्वपूर्ण आर्थिक शब्दावली aarthik shabdawali gk in hindi

महत्वपूर्ण आर्थिक शब्दावली 


 प्रतिभूति (Bond)-- सरकार या कोई निजी कंपनी जब जनता से कर्ज लेती है तो कर्ज के बदले जनता को धन वापसी का एक प्रतिज्ञा पत्र देती है ,जिसे प्रतिभूति (Bond) कहते है 

बैंक दर (Bank Rate)- केंद्रीय बैंक या  रिजर्व बैंक जिस दर पर वाणिज्यिक बैंक को उधार देती है, बैंक दर कहलाती है 

रेपों दर (Repo Rate)--रिजर्व बैंक जब बहुत कम समय के लिए वाणिज्यिक बैंक को उधार देती है तो , उसे रेपों दर कहते है । 

रिवर्स रेपों दर --  जब बाजार (आम आदमी) के पास मुद्रा की आपूर्ति बढ़ जाती है  ,तो उसमें कमी लाने के लिए  केंद्रीय बैंक कम समय मे उच्च ब्याज दर देकर मुद्रा जमा करने के लिए प्रोत्साहित करती है  ,इस उच्च ब्याज दर को रिवर्स रेपों दर कहते है । 

बचत बैंक दर -  छोटी छोटी बचत पर बैंक जिस दर पर ब्याज देती है उस दर को बचत बैंक दर कहते है । 

जमा दर (Deposite Rate)- किसी खास अबाधि के लिए जमा की गयी धन पर बैंक जिस दर पर ब्याज देती है ,उस दर को जमा दर कहते है । 

मांग जमा (Demand Deposite)- चालू खाता (Curent Acount) तथा बचत खाता (Saving Acount)में ग्राहकों की जमा राशि जब चाहे निकाला जा सकता है और जमा किया जा सकता है । 

शुद्ध ब्याज -- कुल ब्याज के उस भाग को शुद्ध ब्याज कहते है , जो पूंजी पति को केवल उपयोग हेतु दिया जाता है । 
मुद्रा संकुचन (Deflation)-बाजार की वह अवस्था , जिसमें मुद्रा की कमी के कारण कीमतें गिर जाती है ,उत्पादन तथा व्यापार गिर जाता है तथा बेरोजगारी बढ़ जाती है ,मुद्रा संकुचन कहलाती है । 

सोमवार, 24 अगस्त 2020

अर्थ शास्त्र के महत्वपूर्ण आर्थिक शब्दावलीarthik shabdawali gk in hindi

 अर्थ शास्त्र के महत्वपूर्ण आर्थिक शब्दावली 


👉मिश्रित अर्थव्यवस्था - इसमे निजी और सार्वजनिक दोनों का सह आस्तित्व होता है । 

👉बंद अर्थव्यवस्था - इसमे विदेशी व्यपार पूर्णत; बंद होता है , पूरी निर्भरता अपने देश पर होता है 

👉खुला अर्थव्यवस्था - इसमे विदेशी व्यपार बिना सरकारी रोक-टोक  के होता है । 

👉व्यपार चक्र   -- -बारी -बारी से तेजी या मंडी होने की घटना को व्यपार चक्र कहते हैं । 

👉निजीकरन --- सरकारी उद्योगो को निजी क्षेत्रो मे परिवर्तित करना निजीकरन कहते हैं । 

👉उदारी करण --- सरकारी नियंतरण वाली (परमिट ,लाइसेन्स ,कोटा आदि )अर्थव्यवस्था से मुक्त कर देना उदारीकरण कहा जाता है । 

👉वैश्वीकरण - वह प्रक्रिया जिसके द्वारा देश की अर्थव्यवस्था को विश्व की विभिन्न अर्थव्यवस्था से जोड़ा जाता है ,वैश्विक अर्थव्यवस्था कहते  है ।  इससे वस्तुओं ,सेवाओं ,तकनीक ,पूंजी और श्रम का आदान प्रदान होता है । 

👉सस्ती मुद्रा -- कम ब्याज दर पर प्राप्त की जाने वाली मुद्रा सस्ती मुद्रा काही जाती है ।

👉पूंजी स्टॉक -- किसी निश्चित समय पर भौतिक पूंजी को पूंजी स्टॉक कहते है । 

👉उपनिवेश या विनिवेश -- सरकारी उद्योग की हिस्सेदारी को कम करना और निजी हिस्सेदारी बढ़ाना उपनिवेश या विनिवेश कहा जाता है । 

👉विकाश अर्थ शास्त्र --- विकास शील देशों मे किसी गरीब व्यक्ति के लिए बनाए गए बिशेष नियम को विकास अर्थशास्त्र कहते है । 

  

भारतीय संविधान के स्रोत bhartiy sambidhan ke srot

 💥भारतीय संविधान के स्रोत💥




👉भारत शासन अधिनियम 1935 से 250 अनुच्छेद लिए गए हैं 

👉ब्रिटेन  - संसदीय प्रणाली , संसद को विशेष अधिकार ,एकल नागरिकता और विधि- निर्माण प्रक्रिया। 

 

👉संयुक्त राज्य अमेरिका -   मौलिक अधिकार , संविधान की सर्वोच्यता , न्यायिक पुनर्विलोकन   ,न्यायपालिका की स्वतंत्रता वित्तीय आपात , राष्ट्रपति का निर्वाचन और और महावियोग    

👉रूस - मौलिक कर्तव्य   

👉दक्षिण आफ्रिका -संविधान संसोधन 

👉आयरलैंड -- निति -निर्देशक , राष्ट्रपति के निर्वाचक-मंडल की व्यवस्था , राष्ट्रपति  द्वारा राज्य सभा में साहित्य ,कला ,विज्ञान ,समाज-सेवा इत्यादि के क्षेत्र में ख्याति प्राप्त व्यक्ति का मनोनय। 

👉कनाडा - संघात्मक विशेषताएं ,अवशिष्ट शक्तियां केंद्र के पास , राज्यपाल की नियुक्ति। 

👉जर्मनी - आपातकाल के दौरान मौलिक अधिकार का छीन लिया जाना।  

👉आस्ट्रेलिया - प्रस्तावना की भाषा , समवर्ती सूचि का प्रावधान। 

अनेक देशों से बिधि लिए जाने के कारण भारतीय संबिधान को ‘’भानुमति का पिटारा ‘ या उधार का थैला ‘कहा जाता है ।   

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Munger se Bhagalpur marine drive

 मुंगेर से भागलपुर तक बनने वाला मरीन ड्राइव बिहार की एक महत्वपूर्ण विकास परियोजना है। यह परियोजना पटना के मरीन ड्राइव की तर्ज पर तैयार की जा...