शुक्रवार, 28 अगस्त 2020

सौरमंडल के आंतरिक और बाह्य ग्रह /पिंडsaurmandal ke antrik aur bahy grah

 सौरमंडल के ग्रह /पिंड 

ग्रह (planet)-सूर्य के चारों ओर परिक्रमा करने वाले आकाशीय पिंडो को हम ग्रह कहते है । ग्रहों के पास पर्याप्त गुरुत्वाकर्षण बल होता है जिससे की वह अपना गोल स्वरूप ग्रहण करतें है । इनके पास अपना प्रकाश नहीं होता है । ये सूर्य के प्रकाश से प्रकाशित होते हैं । 

सौरमंडल के ग्रह -(सूर्य से बढ़ती दूरी के अनुसार)- 1-बुध (mercury), 2- शुक्र (venus) 3-पृथ्वी (Earth) 4-मंगल (mars) 5- बृहस्पति (jupiter) 6-शनि (saturn) 7-अरुण (uranus) और वरुण (neptune)। 

बौने ग्रह - प्लूटो ,चेरान ,सेरस 


ग्रहों को दो भागों मे विभाजित किया गया है ।



 

1-आंतरिक ग्रह अथवा पार्थिव ग्रह (inner or terrestrial );पृथ्वी के सदृश होने से इन ग्रहों को आंतरिक या पार्थिव श्रेणी मे रखा जाता है -बुध ,शुक्र ,मंगल एवं पृथ्वी । ये ग्रह सूर्य के निकट है । 

2 बाह्य ग्रह अथवा बृहस्पति ग्रह (outer or joveam planet) ;ये ग्रह सूर्य से दूर है -बृहस्पति ,शनि ,अरुण और वरुण । 


क्या आपको पता है की अंतराष्ट्रीय खगोलशास्त्रीय  संघ (international astronomical unio) द्वारा 24 अगस्त ,2006 ई ॰ को चेक गणराज्य की राजधानी प्राग के सम्मेलन -2006 मे ग्रहों की परंपरागत परिभाषा मेन जोड़ा गया आकाशीय पिंडों की भरमार न हो और इसी सम्मेलन में यम (pluto) को प्राप्त 'परम्परागत ग्रह ' की मानिता समाप्त कर दी गयी और इसे 'बौने ग्रह ' की श्रेणी में शामिल कर दिया गया । 

1 टिप्पणी:

Unknown ने कहा…

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