शुक्रवार, 19 जून 2020

(आकाशीय पिंड) मन्दाकिनी ,सूर्य ,निहारिका ,ग्रह ,उपग्रह ,क्षुद्र ग्रह और एरावत akashiy pind kshudra grah mandakini niharika in hindi

  आकाशीय पिंड (Celestial Bodies)

 मंदाकिनी (Galaxy)-

  👉तारों के विशाल समूह को मंदाकिनी कहते हैं । एक मंदाकिनी में अरबों तारें होते हैं । 
  ब्रह्मांड मे करोड़ों मंदाकिनियों हैं ।

  👉हमारी पृथ्वी और सूर्य की मंदाकिनी को दुग्ध मेखला अथवा आकाश गंगा  (Milky Way) कहते हैं । 
  आकाश गंगा का 80% भाग सर्पीला है ।

 👉आकाशगंगा को रात में देखा जा सकता है ,यह उत्तर से दक्षिण दिशा  में एक बहती हुई नदी की तरह   दिखाई देती है । 

👉हमारी आकाशगंगा के समीप वाली  एक अन्य मंदाकिनी देवयानी (Andromeda) है । 


  👉एक नया मंदाकिनी की खोज हुई है, जिसका नाम है -   ड्वार्क मंदाकिनी

              👉तारे के समूह को यूरोप में मिल्की -वे (Milky Way)

, यूनान में गैलेक्सी (Galaxy) और भारत मेंआकाशगंगा अथवा मंदाकिनी कहा जाता है । 
              
  सूर्य(Sun)  
                  पृथ्वी के सबसे निकट का तारा सूर्य है । सूर्य के बाद दूसरा निकट का तारा  ''प्रोक्सिमा सेंचुरी''   है ,इसकी दूरी  पृथ्वी से 4.22  प्रकाश वर्ष है ।सौरमंडल में सर्वाधिक चमकीला तारा साइरस है , इसे डॉग   (Dog Star)  भी  कहतें  हैं । यह  सूर्य से लगभग 25 गुना चमकीला , 2.35 गुना बड़ा और 543864 गुना दूर   है । 

 ध्रुवतारा (Polar Star) 
 यह तारा उत्तर दिशा में चमकता हुआ दिखाई पड़ता है । पुराने समय में नाविक रात्री के समय इसी तारा   को देख कर दिशा का पता लगते थे ।

                     
 निहारिका (Nebula)
 धूलकण और गैस से बना हुआ बादल जिसमें करोड़ों तारों  का  विशाल  गुच्छा (Cluster of Star)  होता है   निहारिका  कहलाता  है ।  यह  अत्यधिक  चमकीला  इसके नाभिक में अत्यधिक प्रज्वलनशील गैसें होने   के कारण होता है  
                                                          
कुछ प्रमुख निहारिकाएं हैं -लाइरा ,आरियन ,विनोटीसी ,केनिस 


  ग्रह (Planets)
  तारों की परिक्रमा करने वाली आकाशीय पिण्डो को ग्रह (Planets) कहते हैं । 

 ग्रह का अपना प्रकाश नहीं होता है ,वो तारों के प्रकाश में शीशे की तरह  चमकता है । 



  उपग्रह(Satellite)
  ग्रह की परिक्रमा करने वाले आकाशीय पिंड को उपग्रह(Satellite) कहतें हैं । इसके पास भी अपना     प्रकाश नहीं होता है । 


 क्षुद्र ग्रह (Asteroids)
  मंगल और वृहस्पति के जैसे बड़े ग्रहों के बीच में कई छोटे-छोटे ग्रह मौजूद है , जिन्हें क्षुद्र ग्रह कहा जाता है 


 एरावत पथ
  हमारी पृथ्वी समेत पूरा सौरमंडल जिस आकाशगंगा में स्थित है  एरावत पथ कहलाता है । 
                  

गुरुवार, 18 जून 2020

ब्रह्मांड क्या है brahmand kya hai hindi me

                                                               ब्रह्मांड (Universe )


ब्रह्मांड क्या है ?

जहां सूर्य तारे चंद्रमा ग्रह नक्षत्र धूमकेतू और अन्य आकाशीय पिंड जहां  समाहित  है या विचरण करते हैं ब्रह्मांड कहलाते  हैं  । 

ब्रह्मांड के दो भाग है। 
 1 ॰ वायुमंडल 
2 ॰ अंतरिक्ष 
वैज्ञानिक सोच के अनुसार ब्रह्मांड उत्पत्ति के प्रमुख  कारण हैं । 
1॰ महाविस्फोट सिद्धांत(Big Bang Theory )
                                       2 ॰ सतत सृस्टि  सिद्धांत 
                             3 ॰ स्फीति सिद्धांत (Inflationary )
                             4 ॰ दोलन सिद्धांत (Oscilatiry or PulsatingTheory )

    1 ॰ महाविस्फोट सिद्धांत (Big-Bang Theory )-;

बेल्जियम  के  खगोलज्ञ , वैज्ञानिक  एवं  पादरी  ऐब  जार्ज  लिमेतरी   ने  इस  सिद्धांत  को दिया ।  इनके सिद्धांत  के अनुसार  12  से 14 अरब वर्ष  पहले   यह  ब्रह्मांड  बहुत ही  घनी  अवस्था  मे था , तब एक महाविस्फोट हुआ , इस महाविस्फोट से ब्रह्मांड का जन्म हुआ । 
महाविस्फोट से बहुत ही अत्यधिक मात्रा में ऊर्जा का उत्सर्जन हुआ । 
धमाके के मात्र 1.43 सेकेंड में अंतरिक्ष की स्थिति बर्तमान वाली अंतरिक्ष की जैसी हो गई । 
महाविस्फोट के 10.5 अरब वर्ष  बाद, यानि अभी से 4.5 अरब वर्ष पहले सौरमंडल का विकास हुआ । 
  
     2 ॰ सतत सृस्टि सिद्धांत ;-
प्रसिद्ध खगोलशास्त्री थामस गोल्ड एवं हर्मन बाँडी ने 1948 में इस सिद्धांत को दिया ।  ब्रिटिश खगोलशास्त्री फ्रेड हायल ने भी इस सिद्धांत का समर्थन किया । 
इसके अनुसार आकाश गंगा दूर तो हो रही है लेकिन अंतरिक्ष का घनत्व न ही घट रहा  है और न ही बढ़ रहा है   । 
एक -दूसरे से दूर होने से उत्पन्न रिक्त स्थान नए आकाशगंगा बनेगी ,जो नये  पदार्थ से बनेगी । 

   3 ॰ स्फीति सिद्धांत (Inflationary Theory );-
      अलेन गुथ ने दिया । 

  4 ॰ दोलन सिद्धांत (Oscilation or Pulsating Theory );-
        डा ॰ एलन एंडेज ने दिया । 


  God Partical ;-

 ब्रह्मांड के रहस्य के बारे में पता लगाने के लिए यूरोपियन सेंटर फार न्यूक्लियर रिसर्च (CERN ) ने 30 मार्च , 2010 को जेनेवा में पृथ्वी के 50 से 175 मीटर नीचे 27.36 किमी लंबी सुरंग में हैड्रन कोलाइजर (LHS ) का सफल प्रयोग किया । 
इस प्रयोग में प्रोंटोन बीमों को लगभग प्रकाश की गति से टकराया गया ,इस प्रक्रिया में हिग्स बोसॉन का निर्माण हुआ ,जिसे God Partical कहा गया ।   

  

शुक्रवार, 12 जून 2020

भारतीय क्षेत्रफल का विस्तार तथा पड़ोसी देश bharat ke padosi desh aur wistar in hindi

👉पिगमिलियन पोइंट विषुवत रेखा से उत्तर मे 876 किमी दूर है। 
             👉जाफना पोइंट श्री लंका के उ ॰ पू ॰ मे है । 
। 

भारत का स्थ्लीय सीमा की लंबाई 15,200 किलोमीटर है । इसके पूरी  तटीय भाग की लंबाई 7516.5 किमी है , परंतु मुख्य भूमि वाली सीमा की लंबाई 6100 किमी है । 
 भारतीय पूर्वोत्तर राज्य से लगे हुए देश  

भारत के पड़ोसी देश है - 1-पाकिस्तान,  2-अफगानिस्तान, 
3-चीन 4-नेपाल ,5- भूटान ,6- म्यांमार ,7-बांग्लादेश 
पाकिस्तान के साथ सीमा की लंबाई 3310 किमी है ।
                    अफगानिस्तान के साथ निस्ता के साथ सीमा की लंबाई 80 किमी  है  । 

               चीन के साथ सीमा की लंबाई 3917 किमी है । 

                  नेपाल के साथ सीमा की लंबाई 1752 किमी है ।

                   भूटान के साथ सीमा लंबाई 587 किमी है ।

                 म्यांमार के साथ  सीमा की लंबाई 1458 किमी है ।

                  बांग्लादेश के साथ सीमा की लंबाई 4096 किमी है ।    



भारत की नदियां और दर्रा



गुरुवार, 11 जून 2020

भारत के प्रमुख दर्रे

भारत का दर्रा 
जम्मू कश्मीर के प्रमुख दर्रे

👉जोजिला दर्रा का निर्माण सिंधु नदी द्वारा हुआ है । 


👉लद्दाख मे स्थित काराकोरम दर्रा सबसा ऊँचा दर्रा (5624 मी॰ ) है ।
इसी दर्रा मे  चीन जाने वाली सड़क बनायी गई है ।


👉बुर्जिल दर्रा श्री नगर से गिलगित को जोड़ती है । 


👉बनिहाल दर्रा मे  जम्मू से श्री नगर जाने का रास्ता है ।   जवाहर सुरंग इसी दर्रा मे है ।  



👉शिपकीला दर्रा शिमला से तिब्बत को जोड़ती है । 





Munger se Bhagalpur marine drive

 मुंगेर से भागलपुर तक बनने वाला मरीन ड्राइव बिहार की एक महत्वपूर्ण विकास परियोजना है। यह परियोजना पटना के मरीन ड्राइव की तर्ज पर तैयार की जा...