गुरुवार, 18 जून 2020

ब्रह्मांड क्या है brahmand kya hai hindi me

                                                               ब्रह्मांड (Universe )


ब्रह्मांड क्या है ?

जहां सूर्य तारे चंद्रमा ग्रह नक्षत्र धूमकेतू और अन्य आकाशीय पिंड जहां  समाहित  है या विचरण करते हैं ब्रह्मांड कहलाते  हैं  । 

ब्रह्मांड के दो भाग है। 
 1 ॰ वायुमंडल 
2 ॰ अंतरिक्ष 
वैज्ञानिक सोच के अनुसार ब्रह्मांड उत्पत्ति के प्रमुख  कारण हैं । 
1॰ महाविस्फोट सिद्धांत(Big Bang Theory )
                                       2 ॰ सतत सृस्टि  सिद्धांत 
                             3 ॰ स्फीति सिद्धांत (Inflationary )
                             4 ॰ दोलन सिद्धांत (Oscilatiry or PulsatingTheory )

    1 ॰ महाविस्फोट सिद्धांत (Big-Bang Theory )-;

बेल्जियम  के  खगोलज्ञ , वैज्ञानिक  एवं  पादरी  ऐब  जार्ज  लिमेतरी   ने  इस  सिद्धांत  को दिया ।  इनके सिद्धांत  के अनुसार  12  से 14 अरब वर्ष  पहले   यह  ब्रह्मांड  बहुत ही  घनी  अवस्था  मे था , तब एक महाविस्फोट हुआ , इस महाविस्फोट से ब्रह्मांड का जन्म हुआ । 
महाविस्फोट से बहुत ही अत्यधिक मात्रा में ऊर्जा का उत्सर्जन हुआ । 
धमाके के मात्र 1.43 सेकेंड में अंतरिक्ष की स्थिति बर्तमान वाली अंतरिक्ष की जैसी हो गई । 
महाविस्फोट के 10.5 अरब वर्ष  बाद, यानि अभी से 4.5 अरब वर्ष पहले सौरमंडल का विकास हुआ । 
  
     2 ॰ सतत सृस्टि सिद्धांत ;-
प्रसिद्ध खगोलशास्त्री थामस गोल्ड एवं हर्मन बाँडी ने 1948 में इस सिद्धांत को दिया ।  ब्रिटिश खगोलशास्त्री फ्रेड हायल ने भी इस सिद्धांत का समर्थन किया । 
इसके अनुसार आकाश गंगा दूर तो हो रही है लेकिन अंतरिक्ष का घनत्व न ही घट रहा  है और न ही बढ़ रहा है   । 
एक -दूसरे से दूर होने से उत्पन्न रिक्त स्थान नए आकाशगंगा बनेगी ,जो नये  पदार्थ से बनेगी । 

   3 ॰ स्फीति सिद्धांत (Inflationary Theory );-
      अलेन गुथ ने दिया । 

  4 ॰ दोलन सिद्धांत (Oscilation or Pulsating Theory );-
        डा ॰ एलन एंडेज ने दिया । 


  God Partical ;-

 ब्रह्मांड के रहस्य के बारे में पता लगाने के लिए यूरोपियन सेंटर फार न्यूक्लियर रिसर्च (CERN ) ने 30 मार्च , 2010 को जेनेवा में पृथ्वी के 50 से 175 मीटर नीचे 27.36 किमी लंबी सुरंग में हैड्रन कोलाइजर (LHS ) का सफल प्रयोग किया । 
इस प्रयोग में प्रोंटोन बीमों को लगभग प्रकाश की गति से टकराया गया ,इस प्रक्रिया में हिग्स बोसॉन का निर्माण हुआ ,जिसे God Partical कहा गया ।   

  

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